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बीदासर निकाय चुनाव: सामान्य वर्ग के टिकटों में भाजपा-कांग्रेस का गणित कमजोर! 6 निर्दलीयों के साथ RLP ने बढ़ाई चुनौती

बीदासर निकाय चुनाव

22 सामान्य वार्ड और सामान्य महिला चेयरमैन पद के बावजूद भाजपा ने 3 और कांग्रेस ने सिर्फ 1 प्रत्याशी को दिया टिकट

बीदासर। बीदासर नगरपालिका चुनाव 2026 में इस बार मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। टिकट वितरण, वार्डों के आरक्षण, मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की मौजूदगी ने चुनावी गणित को बेहद दिलचस्प बना दिया है। नगरपालिका के कुल 35 वार्डों में से 22 वार्ड सामान्य, 7 ओबीसी और 6 वार्ड एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि चेयरमैन का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है।

इतने बड़े पैमाने पर सामान्य सीटें होने के बावजूद सामान्य वर्ग से भाजपा ने सिर्फ 3 और कांग्रेस ने महज 1 प्रत्याशी मैदान में उतारा है। यानी दोनों प्रमुख दलों से कुल 4 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि इसी वर्ग से 6 निर्दलीय प्रत्याशी (3 महिलाएं और 3 पुरुष) ताल ठोक रहे हैं। इसके अलावा RLP ने भी वार्ड नंबर 4 से सामान्य वर्ग का प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को बहुकोणीय बना दिया है।

टिकट वितरण के बाद सामान्य वर्ग के भीतर नाराजगी और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पार्टी से टिकट की उम्मीद रखने वाले या लंबे समय से संगठन से जुड़े स्थानीय चेहरे अगर निर्दलीय प्रत्याशियों के पीछे खड़े होते हैं, तो इसका सीधा नुकसान अधिकृत उम्मीदवारों को भुगतना पड़ सकता है। निर्दलीय उम्मीदवारों की ताकत उनके व्यक्तिगत संपर्क, पारिवारिक प्रभाव और वार्ड स्तर पर मजबूत पकड़ में मानी जा रही है।

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भाजपा-कांग्रेस दोनों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

भाजपा के लिए यह स्थिति इसलिए चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सामान्य वर्ग को उसका परंपरागत वोट बैंक माना जाता रहा है। भाजपा के सिर्फ तीन सामान्य उम्मीदवारों के सामने छह निर्दलीयों की मौजूदगी वोटों के सीधे बंटवारे का कारण बन सकती है।

वहीं कांग्रेस भी इस समीकरण से बेफिक्र नहीं है। सामान्य वर्ग से उसका सिर्फ एक प्रत्याशी मैदान में है। यदि किसी वार्ड में कोई निर्दलीय मजबूत स्थानीय चेहरा बनकर उभरता है, तो जरूरी नहीं कि भाजपा से नाराजगी का फायदा कांग्रेस को मिले या कांग्रेस से असंतुष्ट वोट भाजपा के खाते में जाए। RLP की एंट्री और निर्दलीयों का प्रभाव कई वार्डों में जीत-हार का अंतर तय करेगा।

चेयरमैन की कुर्सी के लिए तय होंगे नए समीकरण

अगर इन छह सामान्य निर्दलीयों में से कुछ प्रत्याशी अपने-अपने वार्ड में जीत दर्ज करते हैं या RLP वार्ड नंबर 4 में मजबूत प्रदर्शन करती है, तो इसका असर केवल पार्षद चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। चेयरमैन चुनाव के समय निर्वाचित पार्षदों की संख्या और उनकी निष्ठा बोर्ड बनाने में सबसे बड़ा एक्स-फैक्टर साबित होगी।

35 वार्ड, 22 सामान्य सीटें, सामान्य महिला चेयरमैन पद और मैदान में डटे 6 निर्दलीयों के साथ RLP उम्मीदवार—इन सभी आंकड़ों ने बीदासर निकाय चुनाव 2026 को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब देखना होगा कि 22 सामान्य सीटों का यह उलझा हुआ गणित अंततः किस दल को चेयरमैन की कुर्सी तक पहुंचाता है।

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(बीदासर निकाय चुनाव 2026 की हर सटीक अपडेट के लिए बने रहिए—खबर मीडिया के साथ)

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