समीम के पीछे हटने से त्रिकोणीय हुआ मुकाबला; कांग्रेस ने ली राहत की सांस, अब भाजपा के सामने बागी सरिता सिंघी की बड़ी चुनौती
बीदासर। बीदासर नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन एक बड़ा और नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। वार्ड 26 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुनी गईं समीम (पत्नी पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष मेराज हसन छीपा) ने अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय के रूप में भरा अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया है। उनके इस कदम के बाद अध्यक्ष पद का संभावित चौकोणीय मुकाबला अब पूरी तरह से त्रिकोणीय हो गया है।

शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे समीम अपने पति मेराज हसन छीपा और पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल गुर्जर के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम अमीलाल यादव के समक्ष अपना नाम वापस लेने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

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नामांकन वापसी के दौरान दिखा राजनीतिक ड्रामा
पर्चा वापस लेते समय समीम के पति मेराज हसन छीपा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “हम बागी नहीं थे, बल्कि अपने हक के लिए आवाज उठाई थी। जब पार्टी ने हमारे हक पर प्रहार करने की कोशिश की, तो हमने पार्टी को आईना दिखाना जरूरी समझा। लेकिन हम संगठन एवं शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों का सम्मान करते हुए अपना पर्चा वापस ले रहे हैं।”

समीम के मैदान से हटने के बाद कांग्रेस खेमे ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि इससे पार्टी का वोट बैंक एकजुट रहने की संभावना काफी बढ़ गई है। इस दौरान वार्ड 9 से कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सोना देवी के पति गिरधारी लाल सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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अध्यक्ष पद की रेस में अब मैदान में डटे हैं ये 3 प्रत्याशी
नामांकन वापसी की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब बीदासर नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए केवल 3 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं:
सुमन प्रजापत (भाजपा अधिकृत प्रत्याशी): वार्ड नंबर 15 से निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हुई हैं।

सोना देवी (कांग्रेस अधिकृत प्रत्याशी): वार्ड नंबर 9 से पार्षद निर्वाचित (पति गिरधारी लाल)।

सरिता सिंघी (निर्दलीय / भाजपा बागी): वार्ड नंबर 2 से भाजपा पार्षद चुनी गई हैं। वर्ष 2015 में भी पार्षद रह चुकी सरिता सिंघी ने टिकट न मिलने से नाराज होकर बागी तेवर अपनाते हुए निर्दलीय ताल ठोकी है, जिससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

| दल / वर्ग | जीते गए पार्षद | वर्तमान स्थिति एवं चुनावी चुनौती |
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 16 | बहुमत (18) से 2 सीट दूर; बागी सरिता सिंघी के मैदान में डटे रहने से पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा है। |
| कांग्रेस (INC) | 13 | बहुमत से 5 सीट दूर; समीम के हटने से कैडर एकजुट, अब निर्दलीयों को साधना आसान हुआ। |
| निर्दलीय / अन्य | 06 | बीदासर चुनाव के असली ‘किंगमेकर’; बोर्ड किसके हाथ लगेगा, यह पूरी तरह इन्हीं 6 पार्षदों पर निर्भर है। |
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21 सितंबर को मतदान पर टिकीं सबकी निगाहें
बीदासर नगरपालिका में चेयरमैन की कुर्सी हासिल करने के लिए 18 पार्षदों का जादुई आंकड़ा पार करना अनिवार्य है। एक तरफ जहां कांग्रेस की सोना देवी मैदान में हैं, वहीं भाजपा के सामने अपनी अधिकृत प्रत्याशी सुमन प्रजापत को जिताने के साथ-साथ अपनी ही पार्टी की बागी सरिता सिंघी की चुनौती से पार पाने की दोहरी जिम्मेदारी है।
अब सभी की नजरें 21 सितंबर को होने वाले मतदान और पार्षदों की बाड़ेबंदी पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि ये 6 निर्दलीय पार्षद किस करवट बैठते हैं और बीदासर की बहुचर्चित चेयरमैन की कुर्सी पर कौन काबिज होता है।
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