कांग्रेस प्रत्याशी सीताराम ने नामांकन वापस लिया, भाजपा के खाते में आई पहली निर्विरोध जीत; एक और वार्ड में भी नामांकन वापसी की चर्चा
बीदासर। निकाय चुनाव में नामांकन वापसी के अंतिम दिन बीदासर की चुनावी सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला। वार्ड नंबर 15 में कांग्रेस प्रत्याशी सीताराम पुत्र नंदलाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी सुमन पत्नी बाबूलाल कुम्हार निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हो गईं।
वार्ड-15 से भाजपा की ओर से सुमन कुम्हार ने नामांकन दाखिल किया था, जबकि उनके सामने कांग्रेस की ओर से सीताराम मैदान में थे। लेकिन नामांकन वापसी की अंतिम तारीख पर सीताराम ने अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके साथ ही वार्ड-15 में मुकाबला खत्म हो गया और सुमन निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दी गईं।
इस जीत के साथ निकाय चुनाव के शुरुआती समीकरण में भाजपा ने 1-0 की बढ़त बना ली है, वहीं कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। अब दोनों ही प्रमुख दल आगे के चुनावी समीकरणों को साधने में जुट गए हैं।
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एक और वार्ड में कांग्रेस के निर्विरोध निर्वाचन के आसार
इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक और चर्चा तेजी से सामने आ रही है कि एक और वार्ड में भी नामांकन वापस होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो वहां कांग्रेस प्रत्याशी के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
दिलचस्प बात यह है कि खबर मीडिया ने पहले ही नामांकन वापसी के दौरान दो पर्चे उठने और दोनों प्रमुख दलों के एक-एक प्रत्याशी के निर्विरोध चुने जाने की संभावना को लेकर जानकारी सामने रखी थी। अब वार्ड-15 में भाजपा प्रत्याशी की निर्विरोध जीत के बाद दूसरे वार्ड को लेकर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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वार्ड-27 की चूक के बाद वार्ड-15 से भाजपा की शानदार वापसी?
बीदासर चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड-27 का मामला भी खासी चर्चा में रहा था, जहां पार्टी ने सुमित्रा देवी को टिकट और सिंबल तो थमाया था, लेकिन समय पर नामांकन दाखिल न होने के कारण भाजपा का अधिकृत उम्मीदवार मैदान से बाहर हो गया।
अब वार्ड-15 में मिली यह निर्विरोध जीत भाजपा के लिए निश्चित तौर पर बड़ी राहत और सकारात्मक संकेत लेकर आई है। वार्ड-27 में हुई चूक थी, रणनीति थी या कोई अलग चुनावी समीकरण—इस पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन वार्ड-15 की निर्विरोध जीत ने भाजपा को चुनावी बिसात पर एक शुरुआती और मनोवैज्ञानिक बढ़त जरूर दे दी है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या एक और वार्ड से भी कोई नामांकन वापस होता है और क्या कांग्रेस अपना खाता निर्विरोध जीत के साथ खोल पाती है?
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