16 सीटों वाली भाजपा को 2 पार्षदों की दरकार, कांग्रेस के पास 13 सीटें; 6 निर्दलीयों के साथ अब उम्मीदवारों के व्यक्तिगत समीकरण बने अहम
बीदासर। बीदासर नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) पद के चुनाव को लेकर नामांकन के अंतिम दिन सामने आए 6 नामांकन पत्रों ने चेयरमैन की कुर्सी का सियासी गणित और भी पेचीदा बना दिया है। अध्यक्ष पद के लिए कुल 4 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की है।
इनमें भाजपा से सुमन प्रजापत, भाजपा व निर्दलीय के रूप में सरिता सिंघी, कांग्रेस से सोना देवी तथा कांग्रेस व निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में समीम शामिल हैं। यानी भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के सामने अपने-अपने दो-दो चेहरे आ खड़े हुए हैं। दो प्रत्याशियों ने पार्टी के सिंबल के साथ निर्दलीय के तौर पर भी पर्चा भरकर अपना सियासी विकल्प खुला रखा है। अब 17 सितंबर को नामांकनों की जांच और 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद ही अंतिम मुकाबले की स्थिति साफ होगी।
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जानिए अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल चारों दावेदारों की ग्राउंड प्रोफाइल

- निर्विरोध जीत के बाद अध्यक्ष पद की रेस में सुमन: वार्ड-15 से निर्विरोध चुनी गईं 35 वर्षीय सुमन प्रजापत ने भाजपा से पर्चा दाखिल किया है। गृहणी सुमन पहली बार राजनीति में उतरीं और पहली ही बार में निर्विरोध पार्षद बनकर इतिहास रचा। अब उनकी नजर चेयरमैन की कुर्सी पर है।

- अनुभव के साथ सरिता का दोहरा दांव: वार्ड-2 से भाजपा पार्षद बनीं 45 वर्षीय सरिता सिंघी ने भाजपा के साथ-साथ निर्दलीय रूप में भी नामांकन भरा है। पोस्ट ग्रेजुएट सरिता 2015 से राजनीति में हैं और भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनका राजनीतिक अनुभव मजबूत कड़ी माना जा रहा है।

- जीत के बाद सोना देवी ने ठोकी ताल: वार्ड-9 से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आईं 65 वर्षीय सोना देवी पहली बार पार्षद बनी हैं और उन्होंने सीधे अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

- 1 वोट से हार चुकी समीम फिर मैदान में: वार्ड-26 से कांग्रेस की विजयी पार्षद 52 वर्षीय समीम ने कांग्रेस व निर्दलीय दोनों रूपों में नामांकन किया है। 2010 में भाजपा से पार्षद रहीं समीम उपाध्यक्ष पद का चुनाव महज 1 वोट के अंतर से हार गई थीं। इस बार वे निर्दलीय विकल्प के साथ मजबूत तैयारी में हैं।
| उम्मीदवार का नाम | वार्ड संख्या | राजनीतिक दल | शैक्षणिक योग्यता | विशेष टिप्पणी |
| सुमन प्रजापत | वार्ड-15 | भाजपा (BJP) | 9वीं पास | पहली बार निर्विरोध निर्वाचित पार्षद |
| सरिता सिंघी | वार्ड-2 | भाजपा + निर्दलीय | स्नातकोत्तर (PG) | पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष, अनुभवी चेहरा |
| सोना देवी | वार्ड-9 | कांग्रेस (INC) | गृहणी | पहली बार पार्षद बनकर सीधी दावेदारी |
| समीम | वार्ड-26 | कांग्रेस + निर्दलीय | 8वीं पास | पूर्व में 1 वोट से उपाध्यक्ष चुनाव हारीं |
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16-13-6 के गणित में फंसी कुर्सी; 18 सितंबर को साफ होगी तस्वीर
बीदासर के 35 वार्डों के चुनावी नतीजे में भाजपा के पास 16, कांग्रेस के पास 13 और निर्दलीयों के पास 6 सीटें हैं। भाजपा को बहुमत के लिए 2 और कांग्रेस को 5 पार्षदों की जरूरत है। 6 निर्दलीय पार्षद पहले से ही किंगमेकर की भूमिका में थे, लेकिन अब दोनों पार्टियों के 2-2 चेहरे सामने आने से भीतरघात और बगावत का खतरा बढ़ गया है।

यदि 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद सरिता सिंघी और समीम निर्दलीय मैदान में डटी रहती हैं, तो यह चुनाव केवल पार्टी लाइन पर न रहकर व्यक्तिगत रसूख, निर्दलीय पार्षदों के समर्थन और क्रॉस वोटिंग पर टिक जाएगा। फिलहाल 17 सितंबर की जांच और 18 सितंबर की नाम वापसी के बाद 21 सितंबर को होने वाली वोटिंग पर पूरे बीदासर की नजरें टिकी हुई हैं।
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